Tuesday, February 6, 2018

गहराई नापनी पड़ती है...

ये शायरी का फ़न मियां ऐसे ही नहीं आया।
दर्द के समंदर की गहराई नापनी पड़ती है।।
- प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Monday, November 14, 2016

तेरे तसव्वुर में...

मुझे नींद में मुस्कुराते हुए देखो तो समझ लेना।
तेरे तसव्वुर में हूँ डूबा, तुझसे बातें चल रही हैं।।
प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Friday, November 11, 2016

उदासी की धूप में...

तुम्हारी याद के मौसम की एक अदा ये भी है।
आँखे बरस उठती हैं मेरी, उदासी की धूप में।।
- प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Friday, October 21, 2016

जल्द फैसला कर...

जिंदगी उलझा मत जल्द फैसला कर।
सहने की सारी हदें अब टूटने लगी हैं।।
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Wednesday, May 4, 2016

मेरी ज़िंदगी का जल जाना...

रूह  कांप  उठती  है  और  साँसे  भी उखड़ने लगती है।
तेरा किसी का होना मतलब मेरी जिंदगी का जल जाना।।
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Thursday, April 21, 2016

और के सीने से लगा होना...

क़यामत से आगे भी कोई क़यामत होती है तो हमसे पूछो।
टुकड़ों में कर गया तेरा किसी और के सीने से लगा होना।।
- प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Saturday, June 13, 2015

मुझे इज़ाजत तो दो...

एक बार तुम गले लगाने की मुझे इज़ाजत तो दो।
सारी शिकायते तेरे काँधे से होकर गुज़र जाएँगी।।
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'